क्यूँ इतना उलझ जाती है ज़िंदगी
कोई सिरा नहीं मिलता कभी-कभी
ढूँढते रहो..
वो एक राह ...
जिस से तुम तक पहुंचा जा सके .
सारी दुश्वारियां....सारे स्पीड ब्रेकर
भगवान ने ....बस इसी राह पे
मेरे लिए बना छोड़े हैं .
यार...चलो न
अपना एक ओवर हेड बना ले
प्यार का पुल ...
जो सीधे ...
फुल स्पीड ....
मुझे तुम तक पहुंचा सके .
बस तुमसे ही मनवा चैन पाए ...
ReplyDeleteबहुत सुन्दर बात ...सुन्दर अभिव्यक्ति ...
हाँ जी बिलकुल...ऐसे ही चैन है
Deleteआपकी हर रचना की तरह यह रचना भी बेमिसाल है !
ReplyDeleteथैंक्स!!
Deleteयार...चलो न
ReplyDeleteअपना एक ओवर हेड बना ले
प्यार का पुल ...
जो सीधे ...
फुल स्पीड ....
मुझे तुम तक पहुंचा सके
...............लास्ट की चार लाईन्स जबरदस्त है....!
पसंद करने के लिए...थैंक्स!
Deleteयार...चलो न
ReplyDeleteअपना एक ओवर हेड बना ले
प्यार का पुल ...
जो सीधे ...
फुल स्पीड ....
मुझे तुम तक पहुंचा सके,,,,, भावनात्मक पंक्तियाँ,,
RECENT POST समय ठहर उस क्षण,है जाता
धन्यवाद!
Deleteबहुत सुंदर
ReplyDeleteक्या कहने
अच्छी रचना
हार्दिक आभार!
Deleteकहो ..इतने दूर न जाओ....
ReplyDeleteइत्ता लंबा फ्लाई ओवर बन भी पायेगा...????
अनु
बनेगा...बनाएंगे
Deleteनहीं तो फासले कैसे मिटायेंगे
वाह बहुत बढिया हैं ...प्यार का ये पुल ..बिना रुके बस बढते जाओ
ReplyDeleteहां...नॉन स्टॉप .
Deleteबहुत सुन्दर
ReplyDeleteये प्यार का पुल जरुर बनेगा..
बनायेंगे..
:-)
आमीन.
Delete