Tuesday, February 7, 2012

परेशान ...



तुम जब भी बात करते हो मुझसे
एक खनक सी होती है..
एक खुशी सी होती है ...
आवाज़ में तुम्हारी ,
उन पलों में...
मुझसे बात करने की
बस,मेरे साथ होने की

आज,वो नहीं थी...
कई बार पूछा तुमसे
कि,आखिर बात क्या है?
तुम्हारा हर बार वही जवाब
कुछ भी नहीं ...सब ठीक है .
पर,
मैं जानती हूँ
कुछ है.. जो ठीक नहीं है .

तुम्हारे न बताने से..
हम दोनों परेशान हैं .
तुम परेशान हो किसी बात को लेकर
और
मैं परेशान हूँ ,तुम्हें लेकर.

21 comments:

  1. खुश नसीब है आप निधि जिसे कम से कम ये तो पता है कि वो परेशान है

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    1. ह्म्म्म ..इतनी ही खुशनसीब हूँ क्यूंकि उसकी परेशानी जान सकती हूँ दूर नहीं कर सकती.

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    2. मैं इतना भी नहीं हूँ ...इसीलिये आपको खुशनसीब बोला मैंने !

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  2. तुम्हारे न बताने से..
    हम दोनों परेशान हैं .
    तुम परेशान हो किसी बात को लेकर
    और
    मैं परेशान हूँ ,तुम्हें लेकर ....ये महसूस तो कई बार करते है.... पर उसे शब्दों में इस तरह उतार नही पाते..... जो की आपने लिख दिया है......

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    1. हार्दिक धन्यवाद!!

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  3. मोहब्ब्त इसी को कहते हैं...बिना कहे जो सब समझ जाये..

    सुन्दर रचना..

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    1. जी हाँ...विद्या.सही कहा,आपने.

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  4. प्रस्तुति अच्छी लगी । मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है । धन्यवाद ।

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  5. हम दोनों परेशान हैं . तुम परेशान हो किसी बात को लेकर और मैं परेशान हूँ ,तुम्हें ...

    इसे ही कहते हैं अहसास... उनकी परेशानी से भी परेशां हो जाना... वाह

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    1. उसकी खुशी में खुश...उसकी परेशानी से परेशान
      सच्चे रिश्ते की पहचान

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  6. तुम्हारे न बताने से..
    हम दोनों परेशान हैं .
    तुम परेशान हो किसी बात को लेकर
    और
    मैं परेशान हूँ ,तुम्हें लेकर .

    wo jaanta hai ki aap jaante hai ki wo pareshaan hai.. par phir bhi aapko pareshaan na karne ki khaatir kuch na kehna hi behtar samajhta hai.. :)

    bahut sundar rachna..

    palchhin-aditya.blogspot.in

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    1. आदित्य ...यही तो प्यार है..वो इसलिए नहीं बताता कि अगला परेशान होगा,बेवजह..जबकि दूसरा उसकी आवाज़ से जान लेता है कि परेशानी है,कोई ...और इस तरह दोनों एक दूसरे को परेशान न करने की चाह रखते हुए भी परेशान हैं.

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  7. अकथ कहानी प्रेम की...
    पीड़ा निज त्याग के
    दूं मैं उसे हर खुशी
    गम के आंसू छिपा के
    भर दूं उसका आंचल खुशियों से ...

    बेहतरीन अभिव्यक्ति!!!

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    1. बहुत सुन्दर कहा आपने....अकथ कहानी प्रेम की .

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  8. दर्द हो या परेशानी - बांटकर हल्का ही नहीं होता , कोई न कोई हल निकल आता है

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    1. आपने बिलकुल ठीक कहा...साझा करना ज़रूरी है.

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