उदासी...
एक बड़ी चादर
जो ढांक लेती है
बाक़ी सारे भाव
अपने अंदर.
उदासी....
इसके नुकीले पैने नाखून
उतार देते हैं खुरच कर
शेष बची सारी खुशियाँ
मन के अंतरतम से .
उदासी....
एक काली बंद गुफा
जहां,कितना ही पुकारो
कोई नहीं सुनता
कोई नहीं आता.
उदासी...
अंधा कुआं है
अपनी ही आवाज़ की
प्रतिध्वनियों के सिवा
सुनाने को
इसके आपस और कुछ नहीं .
उदासी ....
कफ़न सी सफ़ेद
मरघट की नीरवता लिए
मौत सी शान्ति के साथ
धीरे धीरे जान लिए जाती है
उदासी...
एक महामारी सी
एक से दूसरे तक
पाँव पसारती ...
धीरे- धीरे फैलती ...
लील जाती सब कुछ .
((प्रकाशित )
शुभ संध्या...
ReplyDeleteउदासी...
अंधा कुआं है
अपनी आवाज़ की अनुगूँज
के सिवा
कुछ सुनाई नहीं देता
अप्रतिम अभिव्यक्ति..........
सादर
बहुत बहुत शुक्रिया
Deleteउदासी के साइड इफेक्ट बिलकुल सटीक लिखे हैं ....बेहतरीन
ReplyDeleteसराहने के लिए...आभार
Deleteबहुत गहरी रचना.. दिल की गहराइयों में उतर जाती है!!
ReplyDeleteउदासी एक ,प्रभाव अनेक -सार्थक प्रस्तुति !
ReplyDeletelatest post"मेरे विचार मेरी अनुभूति " ब्लॉग की वर्षगांठ
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उदासी के कितने आयाम ...
ReplyDeleteअनेक रंगों से लिखा है उदासी का नगमा ... बहुत उम्दा ...
वाह क्या खूब परिभाषित किया है उदासी को आपने ....हर एक परिभाषा सटीक !!
ReplyDeleteउदासी की बेहतरीन आयाम,आभार.
ReplyDelete"महिलाओं के स्वास्थ्य सम्बन्धी सम्पूर्ण जानकारी
"
achchi rachna
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