Tuesday, July 31, 2012

जी भर के जी लेते हैं



चलो,
आज मिल के
जी भर के
शराब पीते हैं.
जैसे है ....
जो हैं ...
"खुद " को जीते हैं .

मनाते हैं जश्न
हरेक बात का
तेरे मेरे साथ का .
होते हैं मदहोश
खोते हैं होश
कर लेते हैं
वो सब
जो यूँ नहीं मुमकिन .
सारी नैतिकताएं
सारी वर्जनाएं
तोड़ देते हैं .

मेरे कदम बहकने दे
जले हलक तो जलने दे
मुझे उसी राह पे चलने दे
जहां सारे रास्ते
तुझ तक हैं पहुंचाते .

आओ ना ...
आज जी भर के जी लेते हैं.

16 comments:

  1. जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ!


    सादर

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  2. सारी वर्जनाएं तोड़ देते हैं .... जीने का बिंदास खयाल .... जन्मदिन की शुभकामनायें

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    1. शुभकामनाओं हेतु,धन्यवाद!!

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  3. Replies
    1. तहे दिल से शुक्रिया!!

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  4. आओ ना ...
    आज जी भर के जी लेते हैं. ……कितनी कशिश है इन पंक्तियों मे ही
    अरे वाह आज आपका जन्मदिन है……………जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें

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    1. बहुत-बहुत शुक्रिया!!

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  5. बहुत ही सहज शब्दों में कितनी गहरी बात कह दी आपने..... खुबसूरत अभिवयक्ति....

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  6. mubaark ho ye nayi....khoobsurat zindagi....

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    1. हार्दिक अभिव्यक्ति!!

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  7. जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनाएं...जी भर के जीना ही तो इस जीवन की प्यास है...जो शराब के जाम से नहीं मिटती...इसके लिए तो जिंदगी में ही पूरी तरह डूबना होगा...

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    1. शुभकामनाओं हेतु,बधाई.ज़िंदगी में डूबना ही सबसे बड़ा नशा है .

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  8. मुझे उसी राह पे चलने दे
    जहां सारे रास्ते
    तुझ तक हैं पहुंचाते ....

    :-) smile ke alawa aaj kuch bhi aur nahi!

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टिप्पणिओं के इंतज़ार में ..................

सुराग.....

मेरी राह के हमसफ़र ....

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