
चलो,
आज मिल के
जी भर के
शराब पीते हैं.
जैसे है ....
जो हैं ...
"खुद " को जीते हैं .
मनाते हैं जश्न
हरेक बात का
तेरे मेरे साथ का .
होते हैं मदहोश
खोते हैं होश
कर लेते हैं
वो सब
जो यूँ नहीं मुमकिन .
सारी नैतिकताएं
सारी वर्जनाएं
तोड़ देते हैं .
मेरे कदम बहकने दे
जले हलक तो जलने दे
मुझे उसी राह पे चलने दे
जहां सारे रास्ते
तुझ तक हैं पहुंचाते .
आओ ना ...
आज जी भर के जी लेते हैं.
जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ!
ReplyDeleteसादर
हार्दिक धन्यवाद!!
Deleteसारी वर्जनाएं तोड़ देते हैं .... जीने का बिंदास खयाल .... जन्मदिन की शुभकामनायें
ReplyDeleteशुभकामनाओं हेतु,धन्यवाद!!
Deleteअच्छी रचना बहुत सुंदर
ReplyDeleteतहे दिल से शुक्रिया!!
Deleteआओ ना ...
ReplyDeleteआज जी भर के जी लेते हैं. ……कितनी कशिश है इन पंक्तियों मे ही
अरे वाह आज आपका जन्मदिन है……………जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें
बहुत-बहुत शुक्रिया!!
Deleteबहुत ही सहज शब्दों में कितनी गहरी बात कह दी आपने..... खुबसूरत अभिवयक्ति....
ReplyDeleteथैंक्स!!
Deletemubaark ho ye nayi....khoobsurat zindagi....
ReplyDeleteहार्दिक अभिव्यक्ति!!
Deleteजन्म दिन की हार्दिक शुभकामनाएं...जी भर के जीना ही तो इस जीवन की प्यास है...जो शराब के जाम से नहीं मिटती...इसके लिए तो जिंदगी में ही पूरी तरह डूबना होगा...
ReplyDeleteशुभकामनाओं हेतु,बधाई.ज़िंदगी में डूबना ही सबसे बड़ा नशा है .
Deleteमुझे उसी राह पे चलने दे
ReplyDeleteजहां सारे रास्ते
तुझ तक हैं पहुंचाते ....
:-) smile ke alawa aaj kuch bhi aur nahi!
समझ गयी....सब.
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