Tuesday, April 3, 2012

मेरी व्यस्तताएं ...



मुझे पता है ..
बिलकुल कायदे से पता है..
देखते रहते हो तुम मुझे
कहीं छुप के ..हर वक्त
जब कोई नहीं होता है आस-पास,
तब आ के खड़े हो जाते हो मेरे समक्ष .

पता है ...तुम ही हो
कोई और कैसे होगा भला ?
तुम्हारे अलावा कभी किसी को
जाना कहाँ...
माना कहाँ....
चाहा कहाँ.....


सुबह का सपना सच होता है ...
इसलिए सोते हुए,यही प्रार्थना
कि तुम्हारा सपना आये तो सुबह आये.
फिर.......
सुबह से रात होने तक बस तुम्हारा ख्याल
किसी न किसी बात पे घूम-फिर
करती रहती हूँ बस तुमको याद
सच है न....
प्यार में ... कभी कोई खाली नहीं होता
प्यार..हमेशा व्यस्त रहने का नाम है.

46 comments:

  1. बहुत सुन्दर...........
    प्यार में ... कभी कोई खाली नहीं होता

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    1. प्यार हुआ उससे मुझे
      वो मसरूफ हुए जाते हैं

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  2. प्यार में कितनी व्यस्तता है ... अच्छी प्रस्तुति

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    1. शुक्रिया....संगीता जी.

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  3. सुबह का सपना सच होता है ...
    इसलिए सोते हुए,यही प्रार्थना
    कि तुम्हारा सपना आये तो सुबह आये.... प्यार ही प्यार है इस ख्याल में

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    1. प्यार भरी इस टिप्पणी के लिए धन्यवाद!!

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  4. बहुत बढ़िया रचना,प्यार की सुंदर अभिव्यक्ति,बेहतरीन पोस्ट,....

    MY RECENT POST...काव्यान्जलि ...: मै तेरा घर बसाने आई हूँ...

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  5. अनुपम भाव लिए ..उत्‍कृष्‍ट लेखन

    कल 04/04/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.

    आपके सुझावों का स्वागत है .धन्यवाद!


    ... अच्छे लोग मेरा पीछा करते हैं .... ...

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    1. हार्दिक धन्यवाद!!

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  6. प्यार में ... कभी कोई खाली नहीं होता
    प्यार..हमेशा व्यस्त रहने का नाम है....

    waah nidhi ... behtareen rachna ke liye badhai ... :)

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    1. शुक्रिया...!!प्यार ऐसा ही होता है,न?

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    1. तहे दिल से शुक्रिया ,आपका....मेरा लिखा पसंद करने के लिए.

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  8. प्यार में ... कभी कोई खाली नहीं होता
    प्यार..हमेशा व्यस्त रहने का नाम है.

    sahi kaha....
    pyaar mein keval pyaar hota hai....
    bas aur koi nahi...
    har samay..
    har waqt.....
    (kisi vyakti mein n bandhen ise....)

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    1. प्यार को किसी में बांधा कहाँ जा सकता है,पूनम.

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  9. हम चाहते हैं आप इस तरह हमेशा वयस्त रहो...जीवन महकता रहेगा...पल-पल...

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  10. व्यस्त रहना- जीवन यही तो है !

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    1. ऎसी व्यस्तताएं...ईश्वर सबको दे...

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  11. प्यार हमेशा व्यस्त रखता है ....
    एकदम सत्य!
    प्यारी सी कविता !

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    1. जी हाँ..यह मसरूफियत है प्यार की.

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  12. shuruaat bhi unhi se aant bhi unhi se....

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    1. जी...प्यार जो न करवाए वो कम है

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  13. मुझे पता है ..
    बिलकुल कायदे से पता है..
    देखते रहते हो तुम मुझे
    कहीं छुप के ..हर वक्त
    जब कोई नहीं होता है आस-पास,
    तब आ के खड़े हो जाते हो मेरे समक्ष .
    ...न जाने प्यार में इस भाव को कितनी बार महसूस किया है ....आपने दिल की बात कैसे जान ली.....बहुत सुन्दर !!!!

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    1. हम सभी..ऐसा अक्सर ही महसूस करते हैं कि कोई जैसे हमारे आस पास ही है

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  14. तभी तो कहते हैं कि ....मोहे सपनो की दुनिया प्यारी लागे रे....कोई ना आ कर मुझे जगाएँ...कुछ पल रहूंगी साथ उनके ...बन कर मैं दीवानी मीरा रे |

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    1. सुन्दर टिप्पणी !!

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  15. pyaar ko sundar sabdon se samjhaya aur sajaya aapne . badhai ho.

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    1. तहे दिल से शुक्रिया!!

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  16. प्यार में कोई खाली नहीं होता ... बिलकुल दुरुस्त कहा है ... प्यार में किसी भी बात की फुर्सत नहीं होती ... उनके ख्यालों से बाहर ही नहीं आ पाते ... लाजवाब ...

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    1. ख्यालों से घिरे रहने के कारण व्यस्तता खुद ब खुद बढ़ जाती है

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  17. हमेशा वयस्त रहो...जैसे मैं भी आजकल व्यस्त हूँ....लाजवाब प्रस्तुती!

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    1. व्यस्त रहिये...मस्त रहिये...यूँ ही.

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  18. प्रथम बार आई हूँ आपके ब्लॉग पर सार्थक हुआ |
    आपका भी स्वागत है.जिंदगी के नए फलसफे का सुदर्र भावभीना चित्रण किया है आपने बधाई |||

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    1. उम्मीद करती हूँ कि आप यूँ ही आती रहेंगी और मैं आपको निराश नहीं करूंगी

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  19. कोमल भावो की
    बेहतरीन........

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    1. सुषमा ...शुक्रिया!!

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  20. प्यार व्यस्त रहने का नाम है...भूल गए थे..कि हमेशा खाली होते हुई भी हम व्यस्त ही रहते हैं..ओह खाली हम कहां रहते हैं..यादों के साये तो हमेशा साथ ही रहते हैं..खाली हुए नहीं कि चेहरे पर मुस्कुराहट ला देते हैं...कैसी भी मोहब्बत रही हो..दर्द भरी या प्यार भरी

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    1. मोहब्बत किसी भी रही हूँ...आंसू मिले हों या मुस्कान....आपको व्यस्त रखती है...हमेशा.

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  21. कल 16/04/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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    1. शुक्रिया!!यशवंत .

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  22. निधि इस ढाई आखर के गूढ़ तत्व को जैसे तुमने समझा है...जाना है ; कोई राधा....कोई हीर....कोई सोनी ही जान सकती थी !
    इसमें नख-शिख तक डूबे बगैर इसे कोई जान भी नहीं सकता !......
    यूँ ही तो नहीं कहा होगा हीर ने ..... "सैंयो री मैनु रांझा आख्यो हीर न आख्यो कोय "
    जाने वो प्रियतम ही देखता रहता है हमें छुप छुप के दिन भर ; या कि हम ही उसका भेस धर के , खुद को देखते हैं उसकी नज़र से !
    वो प्रिय , जो हमारी साँसों में बहता है......धमनियों ने दौड़ता है .....वो जो मन है....प्राण है....आत्मा है !......

    "तुम मेरे पास होते हो गोया
    जब कोई दूसरा नहीं होता !"

    सुबह के सपने सच होते हैं कि नहीं....नहीं जानती !
    हाँ ! इतना जानती हूँ .....कि सच्चे मन के सपने हमेशा सच होते हैं !..........
    क्योंकि उनके पीछे मन की सच्ची आस्था होती है.....निष्ठा होती है .....विश्वास होता है !
    रही बात ......

    "सुबह से रात होने तक बस तुम्हारा ख्याल
    किसी न किसी बात पे घूम-फिर
    करती रहती हूँ बस तुमको याद
    सच है न....
    प्यार में ... कभी कोई खाली नहीं होता
    प्यार..हमेशा व्यस्त रहने का नाम है !"

    प्रेम ऐसे ही तो घटता है जीवन में.....प्रेम इसी रूपांतरण का तो नाम है !......
    बूँद जैसे अपनी सीमाएँ तोड़ कर सागर बन जाती है !.....

    पूरा अस्तित्व ही जब किसी और में घुल मिल जाए....तो फिर अपना बचता ही क्या है ?
    न सोच ....न चिंतन ...न विचार.... न तर्क ....
    न देह...न मन.....न चित्त ....न प्राण......
    बस एक अद्भुत संवेदन , जो मुझमें थिरके ...तो मैं जलतरंग सी बज उठूँ !....सब कुछ संगीतमय हो जाए !
    कर्ता न रहे .....केवल कृत्य ही शेष रहे.....
    बकौल जिगर मुरादाबादी ...

    न गरज़ किसी से न वास्ता मुझे काम अपने ही काम से
    तेरे ज़िक्र से, तेरी फ़िक्र से, तेरी याद से, तेरे नाम से !

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  23. दी..आपकी हरेक बात से पूरी तरह सहमत हूँ.प्रेम जैसे ही जीवन में प्रवेश करता है आप का अहम् समाप्ति की ओर अग्रसर होने लगता है...और यहीं से शुरू होता है आपका रूपांतरण.
    प्यार से ज्यादा मसरूफियत वाला तो कोई काम ही नहीं...इसमें न इस पहलु चैन न उस करवट आराम.दी,मुझे भी नहीं पता भोर के सपने सच होते हैं या नहीं..पर हाँ ऐसा सुनती आयीं हूँ...और जब मन में कुछ पाने की लालसा जोर मारती है तो मन में सबसे पहली यही आता है कि सुबह के सपने में वो चीज़ मुझे मिल जाए .
    इतनी विशद टिपण्णी हेतु आभार !!जिगर मुरादाबादी के शेर ने तो जाँ डाल दी,एकदम.

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टिप्पणिओं के इंतज़ार में ..................

सुराग.....

मेरी राह के हमसफ़र ....

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