क्लास लगी है
वहीं...बरगद के चबूतरे पर
गाँव के दद्दा सिखाएंगे
कि लड़का लड़की प्यार कैसे करेंगे .
मिलते ही...दिल के जुड़ने से पहले
पूछेंगे ...गोत्र,धर्म जाति
फिर अंदाज़ा कि
पैसे से मजबूत है की नाही .
उसके बाद प्यार करना बच्चो
वरना ,फिर सामू और कम्मो
कि तरह मरना बच्चो .
सिखा रहे हैं
पढ़ा रहे हैं पाठ ...
प्यार होना नहीं चाहिए
क्यूंकि
प्यार सब देख भाल कर ...कह सुन कर ...जांच-परख कर
करने वाली चीज़ है.


