Monday, October 12, 2015

मुल्तवी

मुल्तवी कर दिया है...
तुमसे कुछ कहना
कि पता है ,सुनोगे नहीं
सुन जो लिया तो
समझोगे नहीं
और गर समझ लिया
तो भी...मानोगे कतई नहीं
तो कहने का फायदा नहीं
छोड़ो न...
जाने देते हैं
सारी कही अनकही
बातें छोटी छोटी सी
या कहानी लंबी सी
दरमियां बची...
इक ज़िन्दगी अजनबी सी

1 comment:

  1. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" शुक्रवार 16 अक्टूबर 2015 को लिंक की जाएगी............... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ....धन्यवाद!

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