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Friday, August 28, 2015

सुनो न

यार सुनो न
एक बात कहनी है
वो जो अपने होठों पे
तुमने मुस्कान पहनी है
वो यूँ ही सजाये रखना
मैंने,
तेरे हिस्से के सारे आंसू
मांग लिए हैं रब से
एवज में दे दी हैं
अपने हिस्से की
सारी खुशियाँ और हंसी।
शर्त सिर्फ इतनी सी
दिन हो या रात हो
कैसे भी हालात हों
यूँ ही आसपास रहना
मेरे संग साथ रहना
सदा

Monday, August 24, 2015

चुनाव

सारे तरीके
सब हथकंडे
पता थे उसे
कब क्या करे
जो मुझे अच्छा लगे
किस बात को न करे
कि बुरी लगती है मुझे
कैसे मुझे प्यार करे
कब मुझसे नाराज़ रहे
कहाँ दर्द होगा
क्या कहाँ कितना छुपा होगा
किधर चोट लगेगी
कैसे आंसुओं की थमी नदी बहेगी
कब होठों पे हँसी खिलेगी
किस बात पे ख़ुशी छलकेगी

पर,आजकल
वो सिर्फ और सिर्फ
वही करता है जान के
जिससे मुझे खराब लगे।
उन बातों को कहता है
जिससे मेरा जी जले
एक पल चैन न पड़े
उसकी हर बात खले

उसके तरीके उसके से निराले
अजब ढंग हैं प्यार जताने के
अब हैं तो हैं
जो है जैसा है वो
चुनाव तो मेरा है

Saturday, September 28, 2013

यूँ धोखा नहीं देता



अपने को हंसी में छिपा दर्द का तोहफा नहीं देता
तुम मिल जाते तो मैं खुद को यूँ धोखा नहीं देता

जितनी बार कोई मेरे क़रीब आया बिछड़ गया
क्यूँ ख़ुदा मेरे हक़ में कभी फैसला नहीं देता

हर शख्स़ चाहता है अब एक तजुरबेकार आदमी
इसलिए ही नए को कोई भी मौक़ा नही देता

मैंने जितना चाहा गर वो उतना ही चाहता मुझे
तो यकीनन जो उसने दिया वो फासला नहीं देता

नेता रोज ढूँढ़ते रहते हैं कुछ अलग बात कहने को
पर आजकल देश उन्हें कोई नया मसला नहीं देता

कहता रहता है मुझसे कि मेरी तरक्की चाहता है
पर न जाने क्यूँ आगे बढ़ने को रास्ता नहीं देता

सुराग.....

मेरी राह के हमसफ़र ....

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