क्यूँ इतना उलझ जाती है ज़िंदगी
कोई सिरा नहीं मिलता कभी-कभी
ढूँढते रहो..
वो एक राह ...
जिस से तुम तक पहुंचा जा सके .
सारी दुश्वारियां....सारे स्पीड ब्रेकर
भगवान ने ....बस इसी राह पे
मेरे लिए बना छोड़े हैं .
यार...चलो न
अपना एक ओवर हेड बना ले
प्यार का पुल ...
जो सीधे ...
फुल स्पीड ....
मुझे तुम तक पहुंचा सके .
