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Thursday, July 19, 2012

इग्नोर करना



इग्नोर करना भी अच्छा होता है...

कभी न कभी इससे ..

मैं भी सीख जाउंगी

तुम्हारे प्रति उदासीन होना .

तुम्हारा मुझे इग्नोर करना मुझे सिखा देगा

कि कैसे तुमसे नफरत और प्यार किये बगैर

ज़िंदा रहा जा सकता है .

तेरी फ़िक्र,परवाह किये बगैर

खाना मेरा पच सकता है .

तेरे प्यार ,तेरी डांट,तेरे ख्याल के बगैर

सब नोर्मल रह सकता है .

रुको...

सुन तो लो

तुम्हारे इग्नोर करने का"शुक्रिया"

Friday, September 30, 2011

उदासीन


तुमसे प्यार करना कितना सरल था ..
तुमसे नाराज़ हो जाना कितना आसान
रूठने में तुमसे पल भर लगाऊं
क्षण भर में फिर मैं मान जाऊं
तुम्हारे दुःख में दुखी होना
तुम सुखी हो तो मेरा सुखी होना
....आसानी से हो जाता था ये सब

तुम्हारी दुनिया अलग हो गयी है
मेरी दुनिया से
पर,पता नहीं कौन सी डोर जोड़े हुए है
मुझे,आज भी तुमसे ??.
कोशिश में हूँ..........
कि
तुम किसी और को चाहो
और मुझे खराब न लगे ..
तुम दूरी मुझसे बढ़ाओ
मुझे रत्ती भर न खले ..
तुमसे उदासीन हो पाऊँ ...

सुराग.....

मेरी राह के हमसफ़र ....

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