ज़िन्दगी एक किताब सी है,जिसमें ढेरों किस्से-कहानियां हैं ............. इस किताब के कुछ पन्ने आंसुओं से भीगे हैं तो कुछ में,ख़ुशी मुस्कुराती है. ............प्यार है,गुस्सा है ,रूठना-मनाना है ,सुख-दुःख हैं,ख्वाब हैं,हकीकत भी है ...............हम सबके जीवन की किताब के पन्नों पर लिखी कुछ अनछुई इबारतों को पढने और अनकहे पहलुओं को समझने की एक कोशिश है ...............ज़िन्दगीनामा
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Saturday, March 15, 2014
withdrawl symptoms
बेवजह तुमसे बात करना कम कर देती हूँ
दिन में सो लेती हूँ रात भर जागती हूँ
तनहा सारी सारी रात तुम्हें सोचती हूँ
मन कहता है तुम्हारे जाने तक अपना मूड ठीक रखूँ
जिससे तुम खुश रहो
मेरी वजह से अपना तय प्रोग्राम न खराब करो
पर,पता नहीं क्यूँ
ऐन उसी वक़्त तुमसे लड़ लेती हूँ
और उसे जस्टीफाई भी कर लेती हूँ
कि चलो इस लड़ाई पे आये गुस्से से
मुझे याद करते रहोगे हर पल.
hallucination होने लगा है
तू हर ओर दिखने लगा है
भूख बंद ...प्यास ख़त्म
जीने की सब वजह ख़त्म
मेरी लत बन गए हो तुम
तुम्हारे दूर जाने की बात भर से
सब उलट पुलट होने लगता है
दिल की धड़कन हो या मेरा मूड .
जाने की बात ...
तेरे दूर होने का ख्याल आते ही
withdrawl symptoms शुरू हो जाते हैं .
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