ज़िन्दगी एक किताब सी है,जिसमें ढेरों किस्से-कहानियां हैं ............. इस किताब के कुछ पन्ने आंसुओं से भीगे हैं तो कुछ में,ख़ुशी मुस्कुराती है. ............प्यार है,गुस्सा है ,रूठना-मनाना है ,सुख-दुःख हैं,ख्वाब हैं,हकीकत भी है ...............हम सबके जीवन की किताब के पन्नों पर लिखी कुछ अनछुई इबारतों को पढने और अनकहे पहलुओं को समझने की एक कोशिश है ...............ज़िन्दगीनामा
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Monday, December 12, 2011
नया हुनर
वक्त.......बड़ा कमबख्त
सरपट दौड़ा जाता है..
आजकल उसके पीछे भाग रही हूँ ..
सारा दिन इसी कोशिश में लगी हूँ ...
कि
वक्त की गिरह से
कुछ लम्हें चुरा लूं .
ऐसे कुछ लम्हे जिनमें
केवल हों ...
"मैं" और "तू".
उन क्षणों में न हो कोई दरमियाँ
जी लें उनमें ....हम सदियाँ .
देखो,समय की जेब क़तर पाती हूँ या नहीं ?
कतरे जो झरेंगे,वो समेट पाती हूँ या नहीं ?
आखिर,कुछ पलों को ...
तेरे साथ को पा लिया
देख न...तेरे प्यार ने
एक नया हुनर सिखा दिया
मुझे खुद नहीं पता चला
कब गिरह्कटी का इल्म आ गया .
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