ज़िन्दगी एक किताब सी है,जिसमें ढेरों किस्से-कहानियां हैं ............. इस किताब के कुछ पन्ने आंसुओं से भीगे हैं तो कुछ में,ख़ुशी मुस्कुराती है. ............प्यार है,गुस्सा है ,रूठना-मनाना है ,सुख-दुःख हैं,ख्वाब हैं,हकीकत भी है ...............हम सबके जीवन की किताब के पन्नों पर लिखी कुछ अनछुई इबारतों को पढने और अनकहे पहलुओं को समझने की एक कोशिश है ...............ज़िन्दगीनामा
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Saturday, December 31, 2011
नए का स्वागत करो...!!
मैं क्या हूँ...तेरी ज़िंदगी मैं
क्या मायने हैं,मेरे
क्यूँ,मिले हम -तुम
सोच रही हूँ,आज कई दिन से
मैं एक पुराना रिश्ता...
जो नींव बना नए रिश्ते की
मैं...खुश हूँ
कि मैं सेतु बन पायी
जिससे गुजर कर...
तुम पहुँच पाए नयी दुनिया तक
मैं, वो ख्वाब जो पूरा न होकर भी
सितारे छू लेने की, आगे बढ़ने की
हर ख्वाहिश बढ़ा देता है .
पुराने को विदा ...नए का स्वागत ....हैप्पी २०१२
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