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Friday, February 14, 2014

ऐसा नहीं हो सकता क्या


सुनो न
मैंने मान लिया
बहुत खराब हूँ मैं
तुम्हें परेशान करता हूँ
दुःख भी देता रहता हूँ
पर इस सब के बाद भी
यकीं जानो ..
तुमसे बहुत प्यार करता हूँ.
ऐसा नहीं हो सकता क्या
कि मेरी सारी कमियाँ
सब गलतियां
तुम बुहार दो..
छिपा दो ..
उस कालीन के नीचे
जिस पर लिखा है
आई लव यू .

Monday, December 2, 2013

अनकहा

मैं कुछ भी कहूँ
कैसे भी कहूँ
तुम्हें अखरता है .
मेरी हर बात में
आजकल कुछ
तुम्हें खलता है
मैं चुप रहूं अगर
तो  गुस्साते हो
कि बोलती क्यूँ नहीं
कुछ कह दूँ अगर
तो तमक जाते हो
कि कहना ज़रूरी नहीं .
पसोपेश में हूँ करूं तो क्या करूं
शांत रहूं
चुप रहूं
कुछ पूछूँ
कुछ कहूँ
या करूं इंतज़ार ...कुछ रोज़ .


समझ नहीं आता
तुम चाहते क्या हो
खुद की व्यथा छिपा रहे हो
कुछ कहना है जो कह नहीं पा रहे हो
किस वजह से मुझे दूर किये जा रहे हो
या फिर खुद मुझसे दूर हुए जा रहे हो

वाकिफ हो कि नहीं
मैं कितनी परेशान हूँ
तुम्हारी परेशानी को लेकर
चाहती हूँ कि
कह दो तुम
बाँट लो तुम
सब दिल खोलकर .

जब तक तुम यह नहीं करते
तुम्हारे अनकहे को
समझने की कोशिश में ....मैं

Tuesday, February 7, 2012

परेशान ...



तुम जब भी बात करते हो मुझसे
एक खनक सी होती है..
एक खुशी सी होती है ...
आवाज़ में तुम्हारी ,
उन पलों में...
मुझसे बात करने की
बस,मेरे साथ होने की

आज,वो नहीं थी...
कई बार पूछा तुमसे
कि,आखिर बात क्या है?
तुम्हारा हर बार वही जवाब
कुछ भी नहीं ...सब ठीक है .
पर,
मैं जानती हूँ
कुछ है.. जो ठीक नहीं है .

तुम्हारे न बताने से..
हम दोनों परेशान हैं .
तुम परेशान हो किसी बात को लेकर
और
मैं परेशान हूँ ,तुम्हें लेकर.

सुराग.....

मेरी राह के हमसफ़र ....

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