तुम देखना
अबकि बार
जब बस ज़रा धीमे होगी....
उस मोड पर ....
एक पेड है ..बड़ा पुराना सा..
मैंने बांधी है उसपे
अपनी सितारों टंकी
तेरे प्यार सी सुर्ख चुन्नी
कि ...तुम लौट आओगे
शहर में नहीं रम जाओगे .
देखो......कब आओगे???
मन्नत पूरी होती है...होगी
सबके इस यकीं को
कायम रखने के लिए .
वैसे ,उसी मोड पे ....
मैंने देखा है कि
सारे के सारे मवेशी तक
अपना रास्ता भूल जाते हैं.
