ज़िन्दगी एक किताब सी है,जिसमें ढेरों किस्से-कहानियां हैं ............. इस किताब के कुछ पन्ने आंसुओं से भीगे हैं तो कुछ में,ख़ुशी मुस्कुराती है. ............प्यार है,गुस्सा है ,रूठना-मनाना है ,सुख-दुःख हैं,ख्वाब हैं,हकीकत भी है ...............हम सबके जीवन की किताब के पन्नों पर लिखी कुछ अनछुई इबारतों को पढने और अनकहे पहलुओं को समझने की एक कोशिश है ...............ज़िन्दगीनामा
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Thursday, March 29, 2012
प्रेम की दुनिया
कहीं.....
कोई तो रास्ता होगा....
जहां हमारी मजबूरियाँ बीच में न आयें.
तुम और मैं ... चल सकें ..साथ-साथ....
शुरू से आखिर तक .
कोई मोड ऐसा न आये
जहां बिछडना पड़े,हमें .
अपनी मसरूफियत की दुहाई देके
तुम देर से न पहुँचो ,जहां ..
प्रेम की दुनिया क्यूँ इसी उम्मीद पे ...
इस काश पे टिकी रहती है,हमेशा?
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