मिलन के बाद तुम्हारी जुदाई...............जैसे ,
जलती हुई आग पर एकाएक पानी पड़ जाना
मद्धम-मद्धम बहती हवा का एकदम से रुक जाना
हँसते-हँसते अश्कों का बेबात छलक जाना
चमकते सूरज के आगे बदली का छा जाना
सुरीले गीत का एक ही पल में बेसुरा हो जाना
सुबह का कोई हसीं सपना अधूरा रह जाना
किसी कश्ती का किनारे पे आकर डूब जाना






